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समस्तीपुर में साइबर जागरूकता अभियान, छात्रों को सोशल मीडिया और ऑनलाइन फ्रॉड से बचाव की जानकारी

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समस्तीपुर में साइबर थाना द्वारा आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में सोशल मीडिया, ऑनलाइन शॉपिंग, बैंकिंग फ्रॉड, AEPS और जॉब फ्रॉड से बचाव की जानकारी दी गई।

समस्तीपुर/आलम की खबर:समस्तीपुर जिले में साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए पुलिस प्रशासन लगातार लोगों को जागरूक करने में जुटा हुआ है। इसी क्रम में 13 जून 2026 को पुलिस अधीक्षक के निर्देशन एवं पुलिस उपाधीक्षक (साइबर क्राइम) की देखरेख में साइबर थाना समस्तीपुर द्वारा Himgiri Utsav Palace में एक विशेष साइबर जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम में The Umeed Internship Program-2026 से जुड़े कर्मियों और विद्यार्थियों को साइबर अपराध से बचाव के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। पुलिस टीम ने सरल भाषा में बताया कि आज के डिजिटल युग में साइबर फ्रॉड तेजी से बढ़ रहा है, इसलिए हर व्यक्ति को सतर्क रहना बेहद जरूरी है।

कार्यक्रम में विशेष रूप से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे Facebook, Instagram, Telegram और WhatsApp के माध्यम से होने वाले साइबर अपराधों पर चर्चा की गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फर्जी लिंक, फेक प्रोफाइल और अनजान मैसेज के जरिए लोगों को ठगा जाता है, इसलिए किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।

इसके अलावा वित्तीय साइबर अपराधों जैसे ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड, OTP स्कैम और फर्जी कॉल से बचाव के उपायों पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि किसी भी परिस्थिति में OTP, PIN या बैंक डिटेल साझा नहीं करनी चाहिए।

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि व्हाट्सऐप और अन्य सोशल मीडिया ऐप पर आने वाले अनचाहे वीडियो कॉल से भी खतरा हो सकता है। कई मामलों में साइबर अपराधी वीडियो कॉल के माध्यम से ब्लैकमेलिंग करते हैं, इसलिए अनजान कॉल से बचने की सलाह दी गई।

ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म जैसे Amazon, Flipkart, Myntra और Meesho पर होने वाले फ्रॉड से बचाव के लिए केवल आधिकारिक ऐप और वेबसाइट का उपयोग करने की सलाह दी गई।

साइबर थाना टीम ने CEIR पोर्टल के बारे में भी जानकारी दी, जिसके जरिए मोबाइल फोन खो जाने पर उसे ब्लॉक और ट्रैक किया जा सकता है। इसके साथ ही फर्जी फेसबुक आईडी और सोशल मीडिया फ्रॉड से बचाव के उपाय भी बताए गए।

कार्यक्रम में निवेश (Investment) के नाम पर होने वाले फ्रॉड, OLX और सोशल मीडिया पर सामान खरीद-बिक्री में होने वाली ठगी, ATM ट्रांजैक्शन फ्रॉड, AEPS सिस्टम फ्रॉड और जॉब फ्रॉड जैसे मामलों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि साइबर अपराध मुख्य रूप से लोगों के डर और लालच का फायदा उठाकर किया जाता है। इसलिए जागरूकता ही इससे बचाव का सबसे बड़ा हथियार है।

कार्यक्रम के अंत में समस्तीपुर पुलिस ने आमजन से अपील की कि किसी भी साइबर फ्रॉड की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 या NCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके।

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डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा अब हर नागरिक की जिम्मेदारी बन चुकी है। ऐसे जागरूकता कार्यक्रम समाज को सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार की दिशा में मजबूत बनाते हैं।


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